Artificial Intelligence meaning in hindi (आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस क्या है ? ) @ 2022

Artificial Intelligence meaning in hindi आज हम जिस विषय के बारे में बताने जा रहे वह तकनीक क्षेत्र से जुड़े Artificial Intelligence (AI) जिसे हम हिन्दी में  कृत्रिम बुद्धि के नाम से जानते हैं तो चलिए जानते हैं कि Artificial Intelligence Kya hai कहा जा सकता है कि आने वाले समय में Technology का ही बोल बाला होने वाला है। भविष्य में जो देश तकनीक रूप से जितना विकसित होगा उसे ही विकसित माना जाएगा । 

Artificial Intelligence meaning in hindi

तो चलिए जानते हैं आज के इस लेख में कि की आखिर Artificial Intelligence meaning in hindi का विकास कैसे हुआ, क्या यह तकनीक किस हद तक मानव समाज के लिए उपयोगी है और क्या artificial intelligence के नुकसान है । 

artificial intelligence meaning in hindi
Artificial Intelligence meaning in hindi

 

Artificial Intelligence Kya hai (आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस क्या है)

Artificial Intelligence मशीनों द्वारा मानव बुद्धि का अनुकरण है। यह वर्तमान समय में प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया में सबसे तीव्र विकास कर रहा है। इसीलिए आज के युग को आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का युग कहा जाता है। यह विभिन्न प्रकार की चुनौतियों व संकट का हल कर सकता है, लेकिन साथ ही मानव समाज के लिए संकट भी बन सकता है, जिस कारण इसके प्रयोग को लेकर सावधानी भी बरतने की आवश्यकता है।

Artificial Intelligence meaning in hindi इसका शाब्दिक अर्थ कृत्रिम तरीके से विकसित की गई बौद्धिक क्षमता है, यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें एक कम्प्यूटर अपने प्रोग्राम में दिए जा रहे निर्देशों को समझने के बाद उन्हें संरक्षित करता है और उसके आधार पर भविष्य की जरूरतों को समझते हुए निर्णय लेता है तथा उसके अनुसार कार्य करता है। इसके माध्यम से अब मशीनों के बीच संवाद करना सम्भव हो गया है। इस तकनीक के अन्तर्गत स्पीच रिकग्निशन, विजुअल परसेप्शन, लैंगवेज आइडेंटिफिकेशन और डिसिजन मेकिंग आदि का वर्णन किया जा सकता है।

इस तकनीक के जनक जॉन मैकार्थी हैं। इस तकनीक ने रोबोटिक्स क्षेत्र में क्रान्ति ला दी। इसके माध्यम से कम्प्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जिसे उन्हीं तकों के आधार पर संचालित करने की कोशिश की जाती है, जिसके आधार पर मानव मस्तिष्क कार्य करता है। यह पूर्णत: प्रतिक्रियात्मक, सीमित स्मृति, आत्म चेतन एवं मस्तिष्क सिद्धान्त पर कार्य करता है।

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आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का विकास (Development of artificial intelligence)

Artificial Intelligence  का जनक जॉन मैकार्थी को कहा जाता है, लेकिन इनके दोस्तों मार्बिन मिस्की, हर्बर्ट साइमन, ऐलेन नेबेल आदि ने भी इस शोध कार्य में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इस तकनीक का विकास 1950 के दशक में ही प्रारम्भ हो गया था, लेकिन इसकी महत्ता को 1970 के दशक में पहचान मिली। जब जापान ने सर्वप्रथम इसकी पहल की और वर्ष 1981 में फिफ्थ जनरेशन नामक योजना की शुरुआत की थी। इसमें सुपर कम्प्यूटर के विकास के लिए 10 वर्षीय कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की गई थी।

ब्रिटेन ने इसके लिए ‘एल्बी’ नाम का एक प्रोजेक्ट बनाया। यूरोपीय संघ ने भी इस सन्दर्भ में ‘एस्प्रिट’ नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की। वर्ष 1983 में कुछ निजी संस्थाओं ने मिलकर आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस पर लागू होने बाली उन्नत तकनीकों, जैसे बेरी लार्ज स्केल इण्टीग्रेटेड सर्किट का विकास करने के लिए एक माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी की स्थापना की।

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आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के प्रकार (Types of artificial intelligence)

आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के प्रकार निम्नलिखित

  1. Type 1: रिएक्टिव मशीन यह मशीन स्थितियों पर प्रतिक्रिया कर सकती है। ऐसी मशीनों में मेमोरी की कमी होती है। यह सभी सम्भावित विकल्पों का विश्लेषण करती है और सर्वश्रेष्ठ को चुनती है।
  2. Type 2: सीमित मेमोरी यह भविष्य के लोगों को सूचित करने के लिए पिछले अनुभवों का उपयोग करने में सक्षम होती है। इसका उदाहरण सेल्फ ड्राइविंग कार हो सकता है। ऐसी कारों में निर्णय लेने की प्रणाली होती है। 
  3. Type 3: मन का सिद्धान्त यह दूसरों को समझने के लिए सन्दर्भित करता है। इस प्रकार का आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस अभी तक उपलब्ध नहीं है।
  4. Type 4: सेल्फ-अवेयरनेस यह आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का उच्चतम और सबसे परिष्कृत स्तर है। ऐसी प्रणालियों में स्वयं की भावना होती है। इसके अतिरिक्त उनके पास जागरूकता, चेतना आदि होती है। इस प्रकार की तकनीक वर्तमान में नहीं है, परन्तु इस क्षेत्र में शोध चल रहा है। यह तकनीक निश्चित रूप से एक क्रान्ति होगी।

 इस प्रकार, कहा जा सकता है कि जैसे-जैसे कम्प्यूटर साइंस और तकनीक का विकास हो रहा है वैसे-वैसे आर्टिफिशयल इण्टेलिजेंस के क्षेत्र में भी नवीन प्रयोग हो रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग

  • इस तकनीक का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में हो सकता है। इस तकनीक से सर्जरी, पर्यवेक्षण आदि में मदद मिल सकती है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी मदद से इलाज किया जा सकता है। इसके द्वारा कीटनाशकों तथा उर्वरकों के दुरुपयोग को रोका जा सकता है। इसके माध्यम से विनिर्माण उद्योग में क्रान्ति आने की सम्भावना है।
  • रक्षा की दृष्टि से भी इस तकनीक का काफी महत्व है। उदाहरण के लिए, युद्ध में या सीमा पर सेना के जवानों की जगह रोबोट का प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में धोखाधड़ी का पता लगाना, ऑनलाइन फ्रॉड आदि पर नियन्त्रण किया जा सकता है। 
  • शिक्षा के क्षेत्र में यह महत्त्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह शिक्षण प्रबन्धन जैसे कार्यों को सुलभ बना सकता है, यह ग्रेडिंग प्रणाली के संचालन में सहायक होकर समय की बचत करा सकती है।
  • यह मनुष्यों की तुलना में जोखिमपूर्ण कार्यों को सरलता से कर सकती है। इसके कार्यों में गलती की सम्भावना कम होगी जटिल सॉफ्टवेयर को समझने सरल बनाया जा सकता है, जिससे संसाधन तथा समय के व्यय के कम किया जा सकेगा। 
  • रोबोटिक्स और वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों के प्रयोग से कार्य करने के तरीकों में बदलाब आता है, जिससे उत्पादन एवं निर्माण के तरीकों में क्रान्तिकारी परिवर्तन देखने को मिलता है।
  • वर्तमान में वित्तीय संस्थानों और बैंकिग संस्थानों द्वारा डेटा को व्यवस्थित और प्रबन्धित करने के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जाता है। आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस खनिज संसाधनों की खोज में भी मदद करता है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में इसके सम्भावित उपयोग से बिजली सन्तुलन एवं उपयोग दक्षता में वृद्धि होती है।
  • आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का प्रयोग स्वचालित ड्राइबर ऑटोनोमस ट्रैकिंग, डिलीवरी व बेहतर यातायात प्रबन्धन में होता है। साथ ही स्मार्ट शहरों और आधारभूत ढांचे के विकास में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। वर्तमान में, मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने भी इसकी वकालत की है और कहा कि इसको अपनाने से न्याय मिलने में देरी नहीं होगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नुकसान

Artificial Intelligence (AI) को अपनाने से बेरोजगारी बढ़ने की सम्भावना अधिक होती है। विशेषकर डेटा एण्ट्री क्लर्क, अकाउण्ट क्लर्क जैसे व्हाइट कॉलर जॉब इसमें शामिल हैं। भारत में भी बैंकों द्वारा आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस मशीन के प्रयोग के कारण बैंकिंग क्षेत्र में 79% नौकरी की कमी हुई है।

यदि हम इस तकनीकी पर अधिक निर्भर हो गए तो हम अपनी रचनात्मकता को खो देंगे। यह तकनीकी बहुत ही खर्चीली होती है। किसी भी मशीन में भावना या नैतिक मूल्य नहीं होता है, जिस कारण वह सही और गलत में अन्तर नहीं कर पाती है। यही बात इस मशीन पर भी लागू होती है। इस बात की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ये मशीनें स्वचालित हथियार बना लें और मानव जाति का विनाश कर दें। Artificial Intelligence से निजता का खतरा बढ़ जाता है।

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भारत में आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस की स्थिति

वर्तमान में भारत में लगभग 40-42 हजार आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस प्रोफेशनल्स कार्य कर रहे हैं। भारत में बंगलुरु शहर आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का प्रमुख केन्द्र बन गया है। भारत में लगभग एक हजार कम्पनियाँ आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का प्रयोग अपने प्रतिदिन के कार्यों में कर रही हैं। नैकसकॉम तथा फिक्की की एक रिपोर्ट के अनुसार आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के कारण भारत के कुछ प्रमुख औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में तकनीकी विस्तार होगा तथा इससे रोजगार सृजन में बढ़ोतरी होगी। भारत की कई ई-कॉमर्स कम्पनियाँ उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का प्रयोग कर रही हैं।

आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के क्षेत्र में भारत के प्रयास

  • भारत सरकार आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, बिग डेटा इण्टेलिजेंस, रोबोटिक्स, रियल टाइम डेटा और क्वाण्टम कम्युनिकेशन के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण, कौशल विकास आदि को बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
  • जून, 2019 में ओसाका में सम्पन्न हुए G-20 के सम्मेलन में भारत के प्रधानमन्त्री ने डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के महत्त्व को रेखांकित किया। आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस प्रौद्योगिकी का लाभ आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें सरकार के प्रतिनिधि के अतिरिक्त शिक्षाविद व उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
  • नीति आयोग राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। साथ ही नीति आयोग आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस द्वारा देश में व्यवसाय करने के तरीके को बदलने, गूगल कम्पनी के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। केन्द्र सरकार ने उद्योग जगत से भी आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस के लिए एक मॉडल बनाने हेतु सहयोग की अपील की है।
  • आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने सूत्री रणनीति तैयार की है, जिसमें इस तकनीकी के सन्दर्भ में शोध व विकास को बढ़ाया, सुरक्षा, नैतिक, विधिक व सामाजिक पहलुओं का ध्यान आदि को प्रमुख स्थान दिया गया है।

Conclusion


वर्तमान युग में Artificial Intelligence meaning in hindi  यह एक महत्त्वपूर्ण विषय है, जिसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। विकास के लिए आज इसकी आवश्यकता है, परन्तु इसको लेकर हमें सावधान भी रहना होगा, क्योंकि यह मानब समाज के लिए खतरा भी हो सकता है। अत: इस प्रौद्योगिकी को अपनाने से पहले इस पर पर्याप्त शोध किया जाना चाहिए, साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी बल दिया जाना चाहिए, जिससे इससे शत-प्रतिशत लाभ उठाया जा सके और राष्ट्र के विकास को गति प्रदान की जा सके।

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नमस्कार दोस्तों, मैं अमजद अली, Achiverce Information का Author हूँ. Education की बात करूँ तो मैंने Graduate B.A Program Delhi University से किया हूँ और तकनीकी शिक्षा की बात करे तो मैने Information Technology (I.T) Web development का भी ज्ञान लिया है मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. इसलिए मैने इस Blog को दुसरो को तकनीक और शिक्षा से जुड़े जानकारी देने के लिए बनाया है मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे

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