Essay on COVID-19 in Hindi:कोरोना वायरस पर निबंध

कोरोना वायरस पर निबंध-1000 Words

Essay on COVID-19 in Hindi: कोरोना वायरस क्या है? ये हर कोई इस वायरस के प्रकोप को देख चुका है आज पूरा विश्व इसकी मार झेल रहा है किसी को बताने की आवश्यकता नहीं की कोरोना वायरस (Essay on Coronavirus in Hindi) को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस (कोविड- 19) के कारण विश्व के बड़े से बड़े देश की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया।

Essay on COVID-19 in Hindi:


कोरोना वायरस (कोविड-19) शुरुआत (Essay on Coronavirus in Hindi) 

Essay on COVID-19 in Hindi:विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 11 मार्च, 2020 को कोरोना वायरस (कोविड-19) को वैश्विक महामारी घोषित किया, जो वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौती है। इसकी उत्पत्ति दिसम्बर, 2019 में चीन के वूहान शहर से हुई इस वायरस का प्रभाव अण्टार्कटिका महाद्वीप को छोड़कर विश्व के सभी महाद्वीपों पर पाया गया है, सम्पूर्ण विश्व इस वायरस से संक्रमित है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इसलिए सभी स्तरों पर लोग प्रभावित हैं। इतना ही नहीं न्यूयॉर्क, बर्लिन, रोम, पेरिस, मैड्रिड तथा मुम्बई जैसे महानगर अधिक प्रभावित पाए गए हैं अर्थात् विकासशील देशों की अपेक्षा विकसित देश अधिक प्रभावित हुए हैं। इसे जैविक बार या जैब आतंकवाद भी कहा गया है। यह प्रभाव हमें कुछ सबक सिखाता है, ताकि भविष्य में ऐसी महामारी तथा मानव जीवन की सुरक्षा हेतु हम सजग हो सकें, हालाँकि विश्व के सभी देश अपने स्तर पर प्रयासरत हैं।

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कोविड-19 महामारी क्या है? what is covid 19 in hindi

1.कोविड-19,कोरोना वायरस से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जिसे सार्स एम्यूट श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 (SARS COV-2) के नाम से जाना जाता है।

2.चीन के वुहान शहर से शुरू हुई इस बीमारी ने आज पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है।

3.कोरोना वायरस, वायरस का एक बड़ा परिवार है, जो मनुष्य या जानवकों में बीमारी का कारक बनता है।

4.कोरोना वायरस, मनुष्य में श्वसन तंत्र के संक्रमण से फैलता है, जो मध्यपूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) से घातक रोग होता है।

5.कोविड- 19 रोग का कारक नोबेल कोरोना वायरस (SARS COV-2) है, जिसकी हाल में खोज की गई। इससे पूर्व यह कभी मनुष्यों में नहीं पाया गया है।

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कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण

1.कोरोना वायरस को चमगादड़ एवं पेंगोलिन की एक प्रजाति से सम्बन्धित माना जाता है। 

2.यह रोग खाँसी या छींक आने पर नाक या मुख से निकले तरल पदार्थ की छोटी से छोटी बूँदों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

3.यह रोग किसी संक्रमित व्यक्ति के खाँसने या छींकने से हवा में फैलता है। नाक या मुख से निकले तरल पदार्थ बूँदों के रूप में यदि किसी सतह पर टिके रहते हैं तो उस सतह को स्पर्श करने के बाद यदि व्यक्ति अपने मुख या नाक को छूता है तो यह रोग उस व्यक्ति तक पहुँच जाता है

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कोविड-19 के लक्षण

कोविड़-19 बीमारी के लक्षण 5-14 दिन में स्पष्ट होते हैं। तेज बुखार, कफ और सूखी खाँसी, साँस लेने में समस्या, फ्लू -कोल्ड जैसे लक्षण, डायरिया और उल्टी, सूँघने और स्वाद की क्षमता में कमी, नाक बंद, सिरदर्द, दस्त, त्वचा पर दाने आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।

Essay on Coronavirus in Hindi


 कोविड-19 के उपचार

कोविड-19 के लिए कोई विशिष्ट उपचार दवाइयाँ या टीके उपलब्ध नहीं हैं। उपचार हेतु सबसे उपयुक्त उपाय-आराम करना, तरल पेय पदार्थ लेना, समय-समय पर स्वस्थ आहार और उचित तथा पर्याप्त नींद लेना है।

कोविड-19 का सामना करने में भारत कितना सक्षम ?

भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, हालाँकि इसके लिए राज्य सरकारों ने अपने स्तरों पर जाँच का दायरा बढ़ाया है, कंटेनमेंट जोन बनाकर जाँच की है। इसके अतिरिक्त अन्य उपाय; जैसे-जागरूकता बढ़ाकर नियन्त्रण करने का प्रयास किया है। इसके अतिरिक्त प्रधानमन्त्री द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन करके वायरस के संचरण तथा बायरस के शृंखला की कड़ी को तोड़ने का प्रयास किया गया। भारत द्वारा किए गए कुछ अन्य प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं

1. कण्टेनमेण्ट जोन का निर्धारण राज्य सरकारों द्वारा संक्रमण वाले क्षेत्र को कण्टेनमेण्ट जोन बनाकर संक्रमितलोगों की जाँच, सम्पर्क के व्यक्ति की ट्रेसिंग करके, जागरूकता अभियान को चलाकर, सोशल डिस्टेन्सिंग,हाथ की सफाई जैसे कार्य को जिला स्तर पर किया गया। इसका निर्धारण मुख्यतः जिला स्तरों पर किया गया।

2. हॉटस्पॉट केन्द्र बनाना केन्द्र तथा राज्य सरकारों ने मिलकर छोटे स्तर पर संक्रमण वाले क्षेत्रों को हॉटस्पॉट घोषित किया। इसके पश्चात् उस क्षेत्र को पूरी तरह सील करके जाँच की संख्या को बढ़ाया गया, ताकि संक्रमण के प्रसार को फैलने से पूरी तरह रोका जा सके।

3. जागरूकता ऐप कोरोना वायरस के संक्रमण, बचाव व लक्षण सम्बन्धी जानकारियों को देने तथा लोगों को सुरक्षित करने हेतु केन्द्र तथा राज्य सरकार दोनों के द्वारा मोबाइल ऐप या एप्लिकेशन को लॉन्च किया गया, जो इस प्रकार हैं

(i) आरोग्य सेतु यह कोरोना वायरस ट्रेकिंग ऐप है। यह संक्रमण क्षेत्र व व्यक्ति के सम्पर्क को जीपीएस एवं ब्लूटूथ के माध्यम से ट्रैक करता है।

(iii) चैटबोट प्रधानमन्त्री ने वाट्सएप चैटवोट से जुड़ने की घोषणा की थी, ताकि कोरोना वायरस सम्बन्धित लोगों के प्रश्न का समाधान किया जा सके। से

(iii) कोविड 19 लोकेटर ऐप गोवा सरकार ने इसे लॉन्च किया है, जो क्वारंटाइन हुए लोगों पर नजर रखता है। हालांकि यहाँ एक और ‘जिस्ट योरसेल्फ गोबा’ ऐप भी बनाया गया है।

(iv) कोवा (COVA) पंजाब ऐप पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस से बरती जाने वाली सावधानियों से लोगों को जागरूक करने हेतु इस ऐप को लॉन्च किया है।

(v) Gok Direct ऐप यह केरल सरकार द्वारा कोरोना वायरस महामारी से लोगों को जागरूक करने हेतु लॉन्च किया गया है।

(vi) आपूर्ति सुविधा ऐप (Apurti Suvidha App) नोएडा प्राधिकरण ने लोगों तक आवश्यक वस्तुओं को पहुँचाने हेतु इस ‘आपूर्ति सुविधा ऐप्प’ को लॉन्च किया है।

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कोविड-19 का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

कोरोना महामारी ने सम्पूर्ण विश्व को आर्थिक मन्दी की स्थिति पर ला खड़ा कर दिया है। अत: विकास दर आयात निर्यात संवृद्धि दर, सेवा, खनन आदि क्षेत्रों में भारी गिरावट की सम्भावना है। एशियाई विकास बैंक के अनुसार वैश्विक जीडीपी का 4.7% से 6.4% तक के नुकसान का अनुमान है, वहीं विश्व बैंक के अनुसार 2.4%, अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 6.3% की कमी का अनुमान लगाया गया है। विश्व व्यापार संगठन की बेस लाइन ने भारी गिरावट की सम्भावना व्यक्त की है। इसके प्रभाव से तेल का मूल्य नीचे गिर गया, वैश्विक उद्योग जगत पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे बेरोजगारी की भी बड़ी समस्या उत्पन्न होगी। अमेरिका जैसे देशों ने बड़े स्तर पर बेरोजगारी भत्ते की घोषणा भी की है। अतः वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़े स्तर पर प्रभावित हुई है।

WHO की रिपोर्ट

कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी घोषित करते हुए WHO ने दुनिया को आगाह किया है कि यह महामारी सिर्फ लॉकडाउन से नहीं खत्म होने वाली है, बल्कि जो लोग पीड़ित हैं उन्हें ढूंढा जाए और निगरानी में रखा जाए तभी इसे रोकना सम्भव है।

1.इस बीमारी की गम्भीरता को देखते हुए WHO ने यह भी कहा है कि हो सकता है यह वायरस कभी खत्म न हो। WHO ने हवा में भी इस वायरस के संक्रमण को स्वीकार किया है।

2.कोरोना वायरस के सम्बन्ध में WHO ने भारत की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यद्यपि भारत में मामले बढ़ रहे हैं पर मृत्यु दर अन्य देशों के मुकाबले कम है।

3.WHO ने यह भी कहा है कि भारत में अभी मामले और भी बढ़ेंगे।

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कोरोना वायरस का भारत पर प्रभाव

कोरोना ने भारतीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया है, हालाँकि भारत की विकास दर कोरोना पूर्व से ही कम आंकी जा रही थी। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 से भारत के व्यापार पर 350 मिलियन डॉलर का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अखिल भारतीय लॉकडाउन से औद्योगिक उत्पादन, घरेलू व्यापार, पर्यटन उद्योग आदि बुरी तरह से प्रभावित हैं। अत: बेरोजगारी की दर भी बढ़ गई है।

पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण देश के 1.3 बिलियन लोग पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली गतिविधियों से दूर रहे। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचा तथा आसमान साफ रहा, शुद्ध हवा मिली तथा नदी तन्त्र भी स्वच्छ हुए। गंगा, यमुना नदियाँ, जिसकी सफाई की हमेशा चिन्ता रहती है, यह महामारी इन तन्त्रों को काफी हद तक साफ व स्वच्छ करने में सहायक सिद्ध हुई है। इतना ही नहीं वर्ल्ड एयर क्वालिटी के अनुसार वायुमण्डल में 2.5 पार्टिकल कण (PM-2.5) का घनत्व लगभग 80% कम हुआ है। इस प्रकार यह वैश्विक पर्यावरण को स्वच्छ करने में सहायक सिद्ध हुई है।

दुनिया के लिए एक सबक कोविड-19

कोरोना वायरस महामारी के दौरान हमने बहुत कुछ सीखा है; जैसे-सतत् विकास मॉडल, दिनचर्या में बदलाव एवं अन्य सबक, जो आने वाले भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा सकेगा। कुछ महत्वपूर्ण सबक प्रमुख हैं 

(i).इस महामारी ने सीमित संसाधनों में जीने की कला को सिखा दिया। इस महामारी के दौरान वैश्विक आर्थिक गतिविधियाँ ठप हो गईं, लोगों को अपने भौतिक संसाधनों में कटौती करनी पड़ी तथा बहुत नियन्त्रित तरीके से जीवन यापन करना पड़ा।

(ii).महामारी ने हमें यह भी सबक सिखाया है कि हमें स्वास्थ्य को आर्थिक विकास पर प्राथमिकता देनी चाहिए। हमारी शिक्षा व्यवस्था को उन मुद्दों पर केन्द्रित होना चाहिए, जो मानव जाति के सुरक्षित रहने के लिए महत्त्वपूर्ण है, बजाय आर्थिक सफलता के। जब प्रकृति बचेगी, तभी मानवता बचेगी।

 (iii).इस महामारी ने यह भी सिखाया है कि हमें पर्यावरण संरक्षण में ‘ग्रॉन’ कैरियर को आकर्षक बनाने की जरूरत है, ताकि इस सेक्टर में युवा प्रतिभाओं को आकर्षित किया जा सके।

(iv).कोविड-19 महामारी के दौरान विश्व में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा एवं क्षमता की कमी पाई गई, जो विश्व के सभी देशों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

(v).कोविड-19 ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक युग में स्वास्थ्य सेण्टर तक पहुँचने तथा जानकारी लेने में इण्टरनेट काफी सफल है। लोग अपने पारम्परिक इलाजों से भी स्वास्थ होते हैं, किन्तु यह युग हमें डिजिटल स्वास्थ्य देने को प्रेरित करता है।

बचाव के उपाय

1.सोशल डिस्टेन्सिग और स्वच्छता का पालन करके ही इस बायरस के प्रकोप से बचा जा सकता है। 

2.जब भी कहीं बाहर से आए, तो तुरन्त हाथ को हैण्ड बॉश करे, साबुन से धोएँ।

3.कोशिश करें कि न तो किसी से हाथ मिलाए और न ही किसी के बहुत नजदीक जाएँ।

4.बाहर निकलने पर उत्तम क्वालिटी का मास्क और हैण्ड ग्लब्स जरूर पहनें।

5.घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। का उपयोग करें।

6 समय-समय पर सैनेटाइजर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

7.खान-पान की वस्तुओं को अच्छे से साफ करके ही खाएँ।

8.गुनगुना पानी पिएँ। 

9.लॉकडाउन का पूर्णतया पालन करें।

10.अपने शरीर के तापमान तथा श्वसन लक्षणों की नियमित रूप से जाँच करें।

Essay on COVID-19 in Hindi


कोरोना वायरस से सम्बन्धित शब्दावली

कोविड-19 महामारी के दौरान कई प्रकार के शब्द प्रचलन में हैं, ऐसे प्रचलित शब्द प्रमुख हैं

1.एज्यूमपटोमेटिक (Asymptomatic)- यह एक प्रकार का लक्षण है, जिसमें व्यक्ति संक्रमित होते हैं, किन्तु उनमें कोई लक्षण नहीं दिखता है। इसमें मरीजों में सूंघने की क्षमता कम पाई जाती है।

2.कम्युनिटी स्प्रेड ( Community Spread)- जब किसी क्षेत्र में बिना किसी यात्रा की जानकारी व बाह्य सम्पर्क की जानकारी के संक्रमण बढ़ता है, तो उसे कम्युनिटी स्टैंड कहा जाता है।

 3.कॉण्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing)- यह संक्रमित लोगों व उसके सम्पर्क में आए लोगों की पहचान की प्रक्रिया है। इसका सामान्य प्रयोग संक्रमण चाले कंटेनमेंट जोन में किया जाता है।

4.आवश्यक सेवाएँ (Essential Services)- इसके अन्तर्गत लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा, मेडिसीन, खाद्य सामग्री जैसी वस्तुओं की सेवा उपलब्धता को शामिल किया जाता है, जिसमें निजी एवं सरकारी तन्त्र शामिल होते हैं

 5.फ्लैटेनिंग द कर्ब (Flattening the Curve)- इसमें कर्म (चक्र) वायरस के प्रसार को दिखाता है। यदि बक्र ऊँचा है, तो यह दिखाता है कि इन्फेक्शन यदि बिना रोके फैलने दिया जाए तो कितने लोग को प्रभावित कर सकता है और इसके लिए कितने अस्पतालों की आवश्यकता होगी।

6.क्वारण्टीन (Quarantine)- क्वारंटीन का आशय होता है किसी खास क्षेत्र के बाहर से आए लोगों को अलग रखना ताकि बायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। इसलिए सेल्फ क्यारण्टीन का सहारा लिया जाता है। 

7.सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing)- कोरोना के फैलने का खतरा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अधिक होता है। इसलिए लोगों को एक निश्चित दूरी पर बनाए रखने की हिदायत दी जाती हैहै

8.वेंटिलेटर (Ventilator)- यह एक ऐसी मशीन है, जो किसी मरीज को साँस लेने में मदद करती है। यह फेफड़ों में ऑक्सीजन डालती है और कार्बन डाइऑक्साइड निकालती है। इसे लाइफ सेविंग मशीन भी कहा जाता है।

9.वायरल सेडिंग (Viral Shedding)-जब किसी संक्रमित व्यक्ति के खाँसने व छींकने से किसी अन्य व्यक्ति में वायरस का संचरण होता है, तो इसे ही बायरल सेडिंग कहा जाता है। इसमें वायरस बूंदों में बाहर आता है और फैलता है।

पीपीई  क्या है? 

पीपीई किट पीपीई से तात्पर्य पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट होता है, जिसे पहनने से डॉक्टरों एवं नसों को कोरोना वायरस का खतरा कम हो जाता है। पीपीई किट एक विशेष प्रकार का स्वास्थ्य उपकरण है। इस किट में सिर से लेकर पैरों तक को कबर करने वाले सभी उपकरण जैसे ग्लब्स, गाउन, शू कबर, हेड कबर, मास्क और रेस्पिरेटर के साथ ही आँखों की सुरक्षा के लिए फेसशील्ड और गॉगल्स शामिल होते हैं।

Conclusion

इस प्रकार कोविड-19 (Essay on COVID-19 in Hindiमहामारी के दौरान उत्पन्न प्रमुख समस्याओं से सबक सीखते हुए वैश्विक महाशक्तियों को संसाधनों का इष्टतम प्रयोग करना होगा। अपनी आदतों व शहरीकरण, नगरीकरण, औद्योगीकरण, वैश्वीकरण व चिकित्सा जैसे आधारभूत ढाँचे के विकास को नया रूप देना होगा। वैश्विक सामूहिक कार्यवाही को अंजाम देना होगा,तभी हम भविष्य में ऐसी महामारियों का सामना करने हेतु तैयार हो पाएँगे।

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