Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi:आत्मनिर्भर भारत पर निबंध

Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi इस पोस्ट में आपको बताने जा रहे आत्मनिर्भर भारत किस लिए भारत सरकार ने शुरू किया है और इसमें आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना,आत्मनिर्भर भारत पाँच स्तम्भों,आत्मनिर्भर भारत के आर्थिक पैकेज और उसके बिंदु(Aatm Nirbhar Bharat Essay) आदि विषय पर हमने इस पोस्ट में जानकारी देने का प्रयास किया है। 

आत्मनिर्भर भारत अभियान|Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

 

आत्मनिर्भर भारत Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi अंग्रेजी में इसका शाब्दिक अर्थ है self-reliant India इस शब्द का उपयोग भारत को विश्व अर्थव्यवस्था का एक बड़ा और अधिक शामिल हिस्सा बनाने, कुशल, प्रतिस्पर्धी और लचीला नीतियों का पालन करने, जो इक्विटी को प्रोत्साहित करने, और स्व-उत्पादक होने के संबंध में एक छत्र अवधारणा के रूप में किया जाता है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वैश्वीकरण का बहिष्कार नहीं किया जाएगा अपितु दुनिया के विकास में मदद की जाएगी।

Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi
Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

 

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध|Aatm Nirbhar Bharat Essay 

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोविड- 19 वैश्विक महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था में सम्भावित गिरावट को रोकने व आपदा को अवसर में बदलने हेतु 12 मई, 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत ₹20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गयी जो देश की जीडीपी का लगभग 10% है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत मुख्य रूप से भूमि, श्रम तरलता और कानूनों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

यह आर्थिक पैकेज छोटे व्यवसायों, कपड़ा उद्योग, घरेलू उद्योगों, मजदूरों, एमएसएमई सहित विभिन्न वर्गों की जरूरतों को पूरा करेगा। इसके साथ ही प्रधानमन्त्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने का समय आ गया है। इसके लिए उन्होंने लोकल उत्पादों को प्रयोग करने, प्रचार करने तथा वैश्विक बनाने का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का मन्त्र दिया।

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आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना

आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना का आशय भारत को आत्मनिर्भर (Aatm Nirbhar Bharat) बनाना है। वर्तमान भूमण्डलीकरण के युग में आत्मनिर्भरता की परिभाषा में बदलाव आया है। अतः प्रधानमन्त्री ने कहा (Self-Reliance), आत्मकेन्द्रित (Self-Centered) से अलग है।

आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वैश्वीकरण का बहिष्कार नहीं किया जाएगा, बल्कि दुनिया के विकास में मदद की जाएगी। भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की संकल्पना में विश्वास करता है अर्थात् भारत की संस्कृति दुनिया को एक परिवार मानती है। अत: भारत की प्रगति में विश्व की प्रगति समाहित रही है। इस अभियान का लक्ष्य देश में एक मजबूत आर्थिक परिवेश को निर्मित करना है, जिसमें सभी लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकेंगे। यह मिशन दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

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पहले चरण में चिकित्सा, बस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय विनिर्माण तथा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दूसरे चरण में रत्न, आभूषण, फार्मा, स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे पूर्ति के साथ निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के नारे

 
वोकल फॉर लोकल/ लोकल के लिए वोकल
दुनिया के लिए बनाओ

5 Pillars of Aatmnirbhar Bharat Abhiyan

आत्मनिर्भर भारत पाँच स्तम्भों पर खड़ा होगा, जो इस प्रकार है

  1. अर्थव्यवस्था (Economy)-जो वृद्धिशील परिवर्तन के स्थान पर बड़ी छलांग सुनिश्चित करती हो। 
  2. अवसंरचना (Infrastructure)-ऐसी अक्सरचना को बढ़ावा देना, जो आधुनिक की पहचान बने।
  3. प्रौद्योगिकी (Technology)-जो 21वीं सदी की प्रौद्योगिकी संचालित व्यवस्था पर आधारित हो।
  4. गतिशील जनसांख्यिकी (Vibrant Demography)-जो आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है। 
  5. मांग (Demand)-भारत की माँग व आपूर्ति श्रृंखला की पूरी क्षमता का उपयोग किया जाएगा।

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आत्मनिर्भर भारत के आर्थिक पैकेज और उसके बिंदु 

  1. प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत कुल 20 लाख की घोषणा की गई, जो देश के GDP का 10% है। 
  2. 20 लाख करोड़ के इस पैकेज को 5 किस्तों में बाँटकर खर्च किया जाना है।
  3.  इस पैकेज का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में सुधार लाना है।
  4. इस योजना में सभी प्रवासी मजदूर, छोटे और बड़े बिजनेसमैन तथा सभी प्रकार के व्यापारी शामिल हैं, जिन्हें आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  5. इस योजना से फैक्ट्री से जुड़े 3.8 करोड़ टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े 4.5 करोड़ तथा एमएसएमई (MSME) से जुड़े 11 करोड़ लोगों को लाभ होगा।
  6.  इस योजना से भारत के 10 करोड़ मजदूरों को लाभ होगा।
  7.  इस अभियान के राहत पैकेज के अन्तर्गत महत्त्वपूर्ण क्षेत्र हैं- मेक इन इंडिया, निवेश को प्रेरित करना, उत्तम आधारिक संरचना बेहतर वित्तीय सेवा तथा कृषि प्रणाली का विकास आदि। 
  8. सरकार ने आत्मनिर्भर भारत(Aatm Nirbhar Bharat) के निर्माण की दिशा में उन 10 क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। 
  9. इसके साथ ही सरकार ने इन 10 क्षेत्रों में आयात में कटौती का निर्णय लिया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं-रत्न एवं आभूषण, टेक्सटाइल्स, फर्नीचर, फार्मास्युटिकल्स, पूँजीगत सामान तथा मशीनरी, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, फुट क्रि एयरकंडीशनर आदि।

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Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi
Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

आत्मनिर्भर भारत अभियान की चुनौतियाँ

  1. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित पैकेज की अपार सम्भावनाएँ हैं, इसके बावजूद इसके समक्ष कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जिसे कुछ विशेषज्ञों ने उजागर किया है, जो इस प्रकार हैं
  2. घोषित किया गया पैकेज वास्तविकता में घोषित मूल्य से बहुत कम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार के राजकोषीय पैकेज के हिस्से के रूप में RBI की पूर्व घोषणाएँ शामिल हैं।
  3. सरकार द्वारा की जाने वाली अप्रत्यक्ष सहायता; जैसे- भारतीय रिजर्व बैंक के ऋण सुगमता उपायों का लाभ सीधे लाभार्थी तक नहीं पहुँच पाता है।
  4. पैकेज में घोषित राशि GDP के 10% होने के बावजूद बास्तविक रूप से GDP के 5% से भी कम राशि लोगों तक पहुँचने की उम्मीद है।
  5. भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता का स्तर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अनुकूल नहीं है, साथ ही अधिक वित्तीय तथा तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता है, जो एक प्रमुख चुनौती है।
  6. भारत द्वारा 10 क्षेत्रों में आयात में कटौती की दिशा में अपनाए जाने वाले उपायों को WTO में चुनौती दी जा सकती है।
  7. भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता का स्तर भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्दा के अनुकूल नहीं है।

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आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण कदम 

 भारत को अपनी आधारिक संरचना (Basic Infrastructure) पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है।

 भारत को इच्छाशक्ति (Infect), समावेशन (Inclusion), निवेश (Investment), नवाचार (Innovation) पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है।

अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने हेतु उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है।  

21वीं सदी में चुनौतियाँ और भी बढ़ रही है। अतः नए भारत के निर्माण की दिशा में भारत को भविष्य में और अधिक संरचनात्मक सुधारों की जरूरत हो सकती है।

Conclusion

इस प्रकार, आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi) के समक्ष चुनौतियाँ अवश्य है, किन्तु इसकी लक्षित कार्यप्रणाली एक समावेशी विकास को बढावा देती है, जिसमें विकास के सभी पहल शामिल हैं, जो समानता व समता जैसे मानदण्ड को पूरा करते हैं, आने वाली समस्याओं के निदान के लिए तत्पर रहने के अनुकूल हैं, साथ ही इसमें नागरिकों के सशक्तीकरण जैसे पहलू भी शामिल हैं, जो बेहतर भारत के निर्माण की पूंजी है।

 अत: भारत को दृढ इच्छाशक्ति, समावेशन, नवाचार, निवेश पर कुशलतापूर्ण ध्यान देकर उन उद्यमों में निवेश पर अधिक ध्यान देना, जिससे भारत को वैश्विक ताकत के रूप में उभरने की अधिक सम्भावना है और वैश्विक पटल पर आत्मनिर्भर भारत विश्व के अन्य देशों का मार्गदर्शक बन सकेगा।

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Source-Study IQ Education

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